आदिकाल या वीरगाथा काल -1050 से 1375 तक
भक्ति काल - 1375 से 1700 तक
रीतिकाल - 1700 से 1900 तक
आधुनिक काल - 1900 से अब तक
आदिकाल
अन्य नाम - वीरगाथाकाल, प्रारंभिककाल, चारणकाल, आदि।
विशेषताएं-
1. रासो ग्रंथ की प्रधानता। 2. आश्रयदाताओं की प्रधानता।
3. युद्धों का सजीव वर्णन। 4. डिंगल पिंगल भाषा का प्रयोग।
5. श्रृंगार और वीर रस की प्रधानता।
प्रमुख कवि -
चंदवरदायी,
नरपति नाल्ह